बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान: घबराएं नहीं, किसान, नुकसान कम करने के लिए इन सरल चरणों का पालन करें

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उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। फसलों की सुरक्षा, नुकसान को कम करने और समय पर रिपोर्टिंग और उचित कृषि प्रबंधन के साथ सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए सरल कदम जानें।

Robin Kumar Attri

By Robin Kumar Attri

Apr 15, 2026 13:25 pm IST
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मुख्य हाइलाइट्स

  • बेमौसम बारिश ने पूरे उत्तर प्रदेश में गेहूं, सरसों और दलहन की फसलों को नुकसान पहुंचाया।

  • जलभराव के कारण कई जिलों में फसल खराब हो गई और अनाज की गुणवत्ता खराब हो गई।

  • किसानों ने फसलों को ठीक से सुखाने और उच्च नमी वाले भंडारण से बचने की सलाह दी।

  • बारिश के बाद कीटों, बीमारियों और आग की घटनाओं का खतरा बढ़ गया।

  • सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए 72 घंटों के भीतर फसल क्षति की रिपोर्ट करें।

अप्रैल महीने में हुई बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने उत्तर प्रदेश के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। गेहूं, सरसों, चना और अन्य रबी फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। कई जिलों में खेतों में पानी भर गया, जिससे फसलें जमीन पर बिछ गईं और दाने खराब होने लगे हैं। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन राहत की बात यह है कि सही समय पर उठाए गए कदम नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

किन फसलों को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान?

बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर पकी हुई गेहूं और सरसों की फसल पर पड़ा है। कई जगहों पर कटाई से पहले ही फसल गिर गई, जबकि कुछ क्षेत्रों में कटाई के बाद खेत में पड़ी फसल भी भीग गई। इसके अलावा चना, मसूर और मटर जैसी फसलें भी प्रभावित हुई हैं।

किसानों के लिए कृषि विभाग की एडवाइजरी

कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क करते हुए कुछ जरूरी सलाह जारी की है, जिन्हें अपनाकर फसल को बचाया जा सकता है:

1. खड़ी फसल को ऐसे संभालें

अगर खेत में खड़ी फसल भीग गई है, तो उसे 1-2 दिन तक सूखने दें। जल्दबाजी में कटाई करने से दाने खराब हो सकते हैं।

2. कटी हुई फसल का रखें खास ध्यान

यदि कटाई के बाद फसल खेत में पड़ी है, तो पानी जमा न होने दें। फसल को बंडल (बोझा) बनाकर खड़ा कर दें ताकि हवा लगती रहे और नमी कम हो सके।

3. भंडारण से पहले नमी जरूर जांचें

फसल को स्टोर करने से पहले ध्यान रखें कि उसमें 10% से ज्यादा नमी न हो। ज्यादा नमी रहने पर फसल में फफूंद लग सकती है और गुणवत्ता खराब हो सकती है।

खलिहान में रखें ये सावधानियां

  • गीली फसल को अच्छी धूप और हवा में सुखाएं

  • भंडारण से पहले पूरी तरह सुखाना जरूरी है

  • सूखी घास-फूस को आग से दूर रखें

आग से बचाव भी है जरूरी

बारिश के बाद कई जगहों पर खेत-खलिहानों में आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में किसान इन बातों का ध्यान रखें:

  • खेत या खलिहान में बीड़ी, सिगरेट या ज्वलनशील वस्तु का उपयोग न करें

  • सूखी फसल को आग के स्रोत से दूर रखें

कीट और रोग का खतरा बढ़ा

बारिश के बाद नमी बढ़ने से सब्जी और बागवानी फसलों में कीट और रोग का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर सही दवा का छिड़काव करना जरूरी है।

नुकसान होने पर क्या करें?

यदि फसल को नुकसान हुआ है, तो किसान 72 घंटे के भीतर कृषि विभाग या तहसील में इसकी सूचना जरूर दें। इससे सरकारी सहायता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

सरकार भी किसानों के साथ

राज्य के प्रभावित जिलों का सर्वे किया जा रहा है और सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि नुकसान का सही आकलन कर जल्द राहत दी जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों द्वारा स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।

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निष्कर्ष

बेमौसम बारिश ने किसानों के लिए मुश्किल हालात जरूर पैदा किए हैं, लेकिन सही प्रबंधन और सावधानी से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कृषि विभाग की सलाह का पालन करें, फसल को सही तरीके से सुखाएं और भंडारण करें। सतर्कता और समझदारी ही इस समय किसानों की सबसे बड़ी ताकत है

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